स्वामी विवेकानंद की ओजस्वी वाणी करती थी युवाओं को प्रेरणा देने का काम, आज भी मंत्र याद करते हैं युवा

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नई दिल्‍ली: स्वामी विवेकानंद एक ऐसे महापुरुष थे जिनकी ओजस्वी वाणी युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत का काम करती थी। उन्होंने युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए जो चीजें कहीं वो आज भी काफी प्रासंगिक है। ‘उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक मंजिल प्राप्त न हो जाए’ ये मंत्र स्वामी विवेकानंद ने ही भरतीय युवाओं को दिया था। यह मंत्र आज भी भारतीय युवाओं को झकझोरता है। ब्रिटिश हुकूमत के वक्‍त युवाओं को आजादी के लिए दिया गया यह मंत्र आज भारतीय युवाओं के लिए एक मुश्किल घड़ी में मार्गदर्शन और प्रेरणा का काम करता है।

157 साल पहले 12 जनवरी 1863 को आज के ही दिन समाज सुधारक स्वामी विवेकानंद’ का जन्म कलकत्ता (वर्तमान में कोलकाता) में हुआ था। इस तरह आजादी के बाद भारत में 12 जनवरी को राष्‍ट्रीय युवा दिवस (National Youth Day) के रूप में मनाया जाता है। स्‍वामी के इस ओजस्‍वी वाणी से भारत का युवा जागृत हो उठा था। उस वक्‍त भारत पराधीन था। अंग्रेजों का जुल्‍म निरंतर बढ़ता जा रहा था। ऐसे में देश के युवाओं को जगाने का काम उनके एक वाक्‍य ने किया। विवेकानंद भारतीय युवा शक्ति को पहचनाते थे। उनकी यह स्‍पष्‍ट धारणा थी कि देश के युवा ही उसका भविष्‍य होते हैं। आज 21वीं सदी के भारत में जहां भ्रष्‍टाचार और अपराध का साम्राज्‍य है। यहां व्‍याप्‍त भ्रष्‍टाचार देश को घुन की तरह खोखला कर रहा है। ऐसे में युवा शक्ति को जगाना और उनको देश के कर्तव्‍यों के प्रति सचेत करने का काम आज भी यह महामंत्र करता है।

स्वामी विवेकानंद की 157वीं जयंती हैं। विवेकानंद का निधन महज़ 39 साल की उम्र में हो गया था। युवाओं को संबोधित करते हुए उनके कुछ खास संदेश आज भी समसामयिक और उपयोगी हैं। 

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